Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026: Online Apply, Eligibility & Last Date

Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026: बाढ़ से फसल नुकसान पर सहायता, 31 अक्टूबर तक आवेदन

Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026: बिहार में खरीफ 2026 की फसलों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसलिए, यदि बाढ़ या भारी बारिश से आपकी फसल को नुकसान पहुंचा है, तो यह योजना आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकती है।

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इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है। इसके अलावा, राज्य के रैयत और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों प्रकार के किसान इसके लिए पात्र माने जाएंगे।

Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026 क्या है?

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत देना है। परिणाम स्वरूप, जब प्राकृतिक कारणों से फसलें नष्ट होती हैं, तब सरकार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है।

हालांकि, केवल फसल खराब होने से तुरंत सहायता राशि नहीं मिलती है। इसके बजाय, आपकी पंचायत और फसल का योजना के तहत अधिसूचित होना अनिवार्य है। इसके बाद ही, विभागीय जांच के आधार पर सहायता राशि दी जाती है।

Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026: मुख्य बिंदु

विवरण जानकारी
योजना का नाम बिहार राज्य फसल सहायता योजना
फसल सीजन खरीफ 2026
आवेदन माध्यम ऑनलाइन (Online)
अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026
पात्रता रैयत एवं गैर-रैयत किसान
अधिकतम सीमा 2 हेक्टेयर तक

बाढ़ से धान की फसल नष्ट हुई तो क्या करें?

बिहार के कई जिलों में जलभराव के कारण धान की खेती को काफी नुकसान पहुंचता है। लेकिन, पात्र किसान समय पर आवेदन करके इस नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।

यदि आपके क्षेत्र में जलभराव हुआ है, तो सबसे पहले अपनी पंचायत की पात्रता जांचें। इसके बाद, आप DBT Agriculture Bihar portal के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

हालांकि, ध्यान रखें कि आवेदन करते समय सभी जानकारियां सही दर्ज करें। यदि जमीन या फसल से जुड़ा विवरण गलत पाया जाता है, तो आपका आवेदन खारिज भी हो सकता है।

कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?

सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार, फसल नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाता है:

  • 20% तक नुकसान: ₹7,500 प्रति हेक्टेयर
  • 20% से अधिक नुकसान: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर
  • अधिकतम क्षेत्र सीमा: 2 हेक्टेयर तक
  • कुल अधिकतम सहायता: ₹20,000 तक

रैयत और गैर-रैयत किसान कौन हैं?

योजना का लाभ लेने के लिए किसान की श्रेणी को समझना बहुत आवश्यक है:

  • रैयत किसान: वे किसान जिनके नाम पर स्वयं की जमीन दर्ज होती है।
  • गैर-रैयत किसान: वे किसान जो दूसरों की जमीन पर बटाईदारी या पट्टे पर खेती करते हैं।

गैर-रैयत किसानों के लिए स्वयं घोषणा-पत्र

गैर-रैयत किसानों को आवेदन के साथ एक स्वयं घोषणा-पत्र जमा करना अनिवार्य होता है। इसमें जमीन के मालिक और खेती के विवरण की घोषणा करनी होती है।

तथापि, ध्यान दें कि 2025 का पुराना घोषणा-पत्र 2026 के लिए उपयोग न करें। इसलिए, सहकारिता विभाग द्वारा जारी नया 2026 का प्रारूप ही डाउनलोड करके भरें।

अधिसूचित फसलों की सूची (Kharif 2026)

इस योजना में मुख्य रूप से निम्नलिखित खरीफ फसलों और सब्जियों को शामिल किया गया है:

  • धान और मक्का
  • सोयाबीन और मखाना
  • आलू, बैंगन, टमाटर और फूलगोभी

ऑनलाइन आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज एवं विवरण

आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले निम्नलिखित विवरण तैयार रखें:

  • किसान पंजीकरण संख्या (DBT Registration Number)
  • मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण
  • जमीन की रसीद या एलपीसी (रैयत किसानों के लिए)
  • स्वयं घोषणा-पत्र (गैर-रैयत किसानों के लिए)

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल है। इसके लिए आप बिहार सहकारिता विभाग के पोर्टल (esahkari.bihar.gov.in) पर जा सकते हैं। इसके अलावा, BR EXAM पर भी डायरेक्ट अप्लाई लिंक उपलब्ध करा दिया जाएगा।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना हेतु आवेदन (खरीफ-2026)

अंतिम दिनों में सर्वर पर अत्यधिक लोड रहता है। अतः, आप अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना फॉर्म जमा कर दें।

Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026: FAQs

1. बिहार फसल सहायता योजना 2026 की अंतिम तिथि क्या है?

खरीफ 2026 सीजन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

2. क्या बटाईदार (गैर-रैयत) किसान भी आवेदन कर सकते हैं?

हां, गैर-रैयत किसान भी योजना के पात्र हैं। इसके लिए उन्हें नया घोषणा-पत्र जमा करना होगा।

3. अधिकतम कितने क्षेत्र के लिए सहायता मिलती है?

किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) भूमि के लिए सहायता राशि प्राप्त कर सकते हैं।

निष्कर्ष

संक्षेप में कहें तो, Bihar Fasal Sahayata Yojana 2026 आपदा झेल रहे किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है। यदि आपकी फसल बाढ़ या अतिवृष्टि से प्रभावित हुई है, तो 31 अक्टूबर 2026 से पहले आवेदन अवश्य पूरा कर लें।

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